मधुमेह केउपचार में हल्दी अत्यंत लाभकारी तरीकेसेकाम करती है। हल्दी का उपयोग पुरानेजमाने
सेही भोजन और घरेलूउपचारों में किया जाता रहा है। हल्दी का सबसेज्यादा उपयोग दाल व सब्जी
में किया जाता हैक्योंकि यह दाल व सब्जी का रंग पीला करता हैऔर भोजन को स्वादिष्ट भी बनाता
है। मधुमेह रोगियों केलिए हल्दी किसी औषधी सेकम नहीं है। मधुमेह केरोगियों को प्रतिदिन गरम
दूध में हल्दी चूर्ण मिलाकर पीना चाहिए। दरअसल, हल्दी में वातनाशक गुण होतेहैं जिससेमधुमेह की
समस्या सेनिजात पानेमें मदद मिलती है। आइए जानें मधुमेह रोगियों केलिए हल्दी का सेवन कैसे
लाभदायक है।
• आमतौर पर मधुमेह रोग का उपचार सभी चिकित्सा पद्धतियों सेकिया जाता है, किंतुहमारे
दैनिक आहार और मसालों में मधुमेह रोग एवं उससे होने वाली समस्याओं की रोकथाम व
नियंत्रण की अद्भुत क्षमता पाई जाती है। इन मसालोंमेंसेही एक है हल्दी।
• मधुमेह केअधिक बढ़ जानेपर आजीवन इंसुलिन लेनेकी आवश्यकता पड़ सकती है। मधुमेह
पीडि़त को जरा सी चोट लगनेपर भी घाव हो जाता हैया फिर वह स्थान नीला पड़ जाता हैऔर
उस स्थान पर दर्द होनेकी आशंका बढ़ जाती है। मधुमेह रोगी यदि प्रतिदिन आधा चम्मच
हल्दी का सेवन करेतो उन्हेंफायदा होगा।
• सालों सेहल्दी प्रतिरोधी क्षमता बढ़ानेकेलिए जानी जाती है। यानी इसकेनियमित सेवन से
रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। मधुमेह रोगी केघाव या चोट पकनेकी स्थिति सेपहलेही
ठीक हो जातेहै। किसी कारण सेमधुमेह रोगी को लगी अंदरूनी चोट भी जल्दी ही ठीक हो जाती
है।
• हल्दी सेमधुमेह का रोग भी ठीक हो जाता है। हल्दी एक फायदेमंद औषधि है। हल्दी किसी भी
उम्र केव्यक्ति को दी जा सकती हैचाहेवह बच्चा हो, जवान हो, बूढ़ा हो और यहां तक की
गर्भवती महिला ही क्यों न हो। यह शरीर सेखून की गंदगी को दूर करती हैऔर रंग को साफ
करती है।
• हल्दी में एंटीसेप्टिक गुण पाया जाता है। इस कारण घाव पर हल्दी लगानेसेघाव जल्द भर
जाता हैऔर ऐसेमें यदि मधुमेह रोगी प्रतिदिन किसी न किसी रूप में हल्दी का सेवन करें तो
उसकेघाव बढ़नेकी संभावनाएं खत्म हो जाएंगी।
• मधुमेह केरोगियों को रोजाना ताजेआंवलेकेरस या सूखेआंवलेकेचूर्ण में हल्दी का चूर्ण
मिलाकर सेवन करनेसेबहुत अधिक लाभ मिलता है।
• मधुमेह में आंवलेकेरस में हल्दी व शहद मिलाकर सेवन करनेसेभी मधुमेह रोगी को लाभ
मिलता है।

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